Hindi Shayari

तुमसे मिलकर जाने किस गुमान में हूँ मैं…
तुमसे मिलकर जाने किस गुमान में हूँ मैं…
देखो भूल गया सब पते-ठिकाने… आसमान में हूँ मैं…

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मेरी आँखों से आसूँ भले ही ना निकले हो पर ये दिल आज भी तेरे लिए रोता है …
लाखों दिल भी मिल कर उतना प्यार नहीं कर सकते जितना ये अकेला दिल तुमसे करता है..




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शौंक नहीं है मुझे अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का …
मगर क्या करूँ , अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का

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साथ ना रहने से रिश्ते टूटा नहीं करते ,
वक़्त की धुंध से लम्हे टूटा नहीं करते ,
लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया,
टूटी नींद है , सपने टूटा नहीं करते

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जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।

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हमारी चर्चा छोडो दोस्तों, हम ऐसे लोग है जिन्हें,
नफरत कुछ नहीं कहती और मोहब्बत मार डालती है।





बहुत कमजोर निकला तु तो ए दिल,
और तुझे लेकर मैं दुनिया संभालने निकला था।


किस किस से वफ़ा के वादे कर रखे हैं तूने,
हर रोज़ एक नया शख्स मुझसे तेरा नाम पूछता है।


मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही,
बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी।


तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर,
जब भीग कर कहती है की अब रोया नहीं जाता।

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